क्राइम देश समाज

प्यार का चक्कर पड़ा महंगा

मिर्ज़ा ग़ालिब का एक शेर है-
इश्क ने ग़ालिब कर दिया निकम्मा
नहीं तो हम भी आदमी काम के थे..

आज कल यह शेर आतंकियों के लिए बिलकुल सही बैठ रहा है … क्योंकि एक एक कर कश्मीर जो भी आतंकी मारे जा रहे है उनकी जिम्मेदार और कोई नहीं उनकी प्रेमिकाएं हैं … मतलब की गर्लफ्रेंड….
वैसे हाल में ही एक कश्मीरी आतंकी मारा गया है … नाम जाकिर मुसा था उसका … जिसदिन पूरा देश लोकसभा चुनाव के नतीजों में लगा हुआ था वहीँ दूसरी तरफ इसका एनकाउंटर पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ और भीषण गोलीबारी में हुआ …..मुसा एक मोस्ट वांटेड आतंकी था… इसके मौत का कारण तो सभी न्यूज़ चैनल्स और पेपर में आ ही गया …. लेकिन आजकल एक और बात सामने आ रही है कि उसकी मौत उसकी प्रेमिका की वजह से हुई है….सूत्रों का कहना है कि वो एनकाउंटर वाले दिन मुसा अपनी दूसरी प्रेमिका से मिलने त्राल गया था और यही बात उसकी पहली प्रेमिका को पसंद नहीं आई… फिर उसे यह बात इतनी बुरी लगी कि उसने सुरक्षाबलों को इत्तिला कर गिया की मूसा पुलवामा गया है और फिर वह मारा गया….

वैसे अगर याद करे तो कश्मीर में ज़ारी आतंकवाद में यह कोई पहला मामला नहीं है जिसमें आतंकी की मौत की जिम्मेदार लड़कियां है….कई आतंकवादी या तो अपनी प्रेमिकाओं से मिलने की चाहत के कारण मारे गए या फिर कईयों को उनकी प्रेमिकाओं की बेवफाई के कारण जान से हाथ धोना पड़ा…
ऐसे ही कुछ समय पहले हिजबुल के पोस्टर बॉय बुरहान बानी के कई लड़कियों के साथ संबंध थे…..और जब यह बात उसके गर्लफ्रेंड को पता लगा तो इससे वो नाराज हो गई….. दिल टूटने के बाद, बदला लेने की चाहत में उसने बुरहान की लोकेशन की जानकारी सुरक्षा एजेंसी को दे दी और फिर बुरहान भी एनकाउंटर में मारा गया….
वहीँ एक और आतंकी लश्कर ए सैफुल्लाह को समीर टाइगर और सलमान बट्ट को भी इश्क में ही मौत हुई…
वैसे एक और कहानी है… पाक आतंकी काजी मोहम्मद की … बारामूला में उसे तब मार गिराया गया था जब वो अपनी प्रेमिका से मिलने सीमा पार से आया था….वैसे सीमा पार बैठे आतंक के आकाओं ने उन्हें हमेशा स्थानीय युवतियों के इश्क में नहीं पड़ने की सलाह दी…. इस्लाम का वास्ता भी दिया पर प्यार में डूबा इंसान कहा किसी की सुनता…वैसे भी यह कहा गया है कि प्यार अंधा होता है …. और ऐसा ही हाल इन आतंकियों का हुआ….और वो इश्क में बर्बाद होते रहे….

मैं यहाँ किसी की भावनाओं को आहात नहीं पहुचना चाहती…. लेकिन यह सच हा की प्रेम में जब आप होते हो तो सबकुछ अच्छा होता .. लेकिन जब यह प्रेम खत्म होता है तो फिर कुछ भी मायने नहीं रखता…और इसका अंत इन आतंकियों जैसा तो नहीं लेकिन थोडा कम होता … लेकिन उनके प्यार में पड़ने से एक फायदा ज़रूर होता है और वो हमने आपको बता ही दिया है … उनके भाषा में कहे तो वो इश्क में फनाह हो जाते और सच्ची भाषा में कहे तो ये प्यार के चक्कर में मारे जाते…