देश सेना

क्या आपको है मालूम भारत के पास हैं इतने खत-रनाक हथियार

अगर बात की जाए मिलिट्री की तो भारत दुनिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश है वहीं active personals के मामले में भारत दुनिया की तिसरी सबसे बड़ी आर्मी है.

पिछले कुछ सालों में हमारे देश के मिलिट्री equipments और हथियारों में काफी इज़ाफ़ा आया है. भारत अपने ज़्यादातर armaments रूस या फ्रांस से खरीदता है पर अब तो ऐसे कई weapons भारत मे ही बना कर तैयार किए जा रहा हैं.

इस वक्त भारतीय मिलिट्री दुनिया के कई सबसे खरनाक हथियारों से लैस है.

पिनाक

पिनाक multiple launch rocket system saal 1998 में मिलिट्री को सौंपा गया था. यह 40 किमी तक की रेंज का system है जिसमें 12 रॉकेट्स को लोड किया जा सकता है. इसका improved version 65 किमी की रेंज का बन चुका है जो कि मिलिट्री को और शसक्त बनाता है.

सुखोई

इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में मौजूद  सुखोई को दुनिया के सबसे एडवांस्‍ड जेटों में गिना जाता है. एक सुखोई 30 MKI 30. लंबी दूरी तक दुश्‍मन को मारने में शकसम है, ये एक mutifunctional फाइटर जेट है. फिलहाल भारत रूस के साथ मिलकर के इसकी पांचवीं पीढ़ी के जेट्स को design कर रहा है.

ब्रह्मोस मिसाइल

ब्रह्मोस मिसाइ एक interbalistic मिसाइल है जो रूस और भारत का ज्‍वाइंट वेंचर से निर्मित की गई है. इस मिसाइल को किसी भी प्‍लेटफॉर्म से लांच किया जा सकता है. नौ मीटर लंबी यह मिसाइल तीन टन तक का वजन उठा सकती है. इसे वर्तमान में इंडियन नेवी की कई बड़ी वॉर शिप्‍स पर डेप्‍लॉय किया जा चुका है.

आईएनएस चक्र

आईएनएस चक्र रूस की akula-2 catagory की पनडुब्बी है इसको रूस से भारत ने एक अरब डॉलर के सौदे पर 10 साल के लिए लिया है.इंडियन नेवी में शामिल करने से पहले इसका नाम बदलकर आईएनएस चक्र कर दिया गया. इस पनडुब्‍बी का वजन 8,000 टन है. अरब सागर में मौजूद ये पनडुब्बी दुश्मन देशों पर कहर बरपाने के लिए काफी है.

अवोक्स

Falcon Avox यानी airborn early warning system. ऐसी technology केवल चुनिंदा देशों के पास मौजूद है. अवॉक्‍स के जरिए हमारी सेना 10 गुनी तेजी के साथ अपने टारगेट का पता लगा कर उसके नेस्तनाबूद कर सकती है.

आईएनएस विक्रमादित्‍य

आईएनएस विक्रमादित्‍य भारत का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर है जिसे भारत ने रूस से खरीदा था. आईएनएस विक्रमादित्‍य का वजन 45,000 टन है और भारतीय महासागर में इससे ज़्यादा शक्तिशाली वॉरशिप अबतक मौजूद नहीं है. इस पर 24 मिग-29के फाइटर्स के साथ ही छह से ज़्यादा हेलीकॉप्‍टर भी डेप्‍लॉय किए जा सकते हैं.

टी-90
इंडियन आर्मी ने टी-90 भीष्‍म टैंकों को टी-55/72 टैंकों की जगह चुना है. भीष्‍म टैंक का वजन 50 टन है और इसमें तीन लोग क्रू मेंबर के तौर पर जा सकते हैं. साथ ही इसमें 125 एएम की बंदूक के लिए एक ऑटोलोडर भी दिया हुआ है.इस टैंक के बैरल से एंटी टैंक मिसाइल को भी आसानी से फायर किया जा सकता है.

पी-81

भारत के पास 7500 किमी लंबी कोस्‍ट लाइन और सैंकड़ों आईलैंड हैं जिनकी सुरक्षा काफी जरूरी है. भारत के पास मौजूद  ये सर्विलांस एयरक्राफ्ट इस जरूरत को पूरा करता है। यह एयरक्राफ्ट 2000 किमी तक दूरी चार घंटे तक बिना रुके तय कर सकता है.

नाग

नाग मिसाइल कैरियर भारत को पास शायद दुश्‍मनों को डरान और पीछे रखने का सबसे कारगर हथियार है. नाग मिसाइल कैरियर ने पांच किलोमीटर तक की रेंज में मौजूद टारगेट को सफलतापूर्वक डिटेक्‍ट किया है. यह दिन हो या रात किसी भी तरह की परिस्थितियों में दुश्‍मन का सफाया कर सकता है.

बीएमसी

बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम बीएमसी बीएमडी भारतीय सेनाओं का वह हथियार है जो मुश्किल घड़ी में कम से कम समय में भी कम या ज्‍यादा दूरी पर मौजूद दुश्‍मन को खत्‍म कर सकता है। यह शॉर्ट नोटिस पर भी सभी बड़े शहरों की रक्षा में तुरंत डेप्‍लॉय हो सकता है.

आने वाले समय मे भारतीय मिलिट्री में राफेल और स-400 जैसे घातक हथरिया भी जुड़ जाएंगे. जिसके बाद शायद युद्ध जैसी परिस्थितियों में किसी भी देश का भारत से मुकाबला करना और भी मुश्किल हो जाएगा.